प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana) केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण कृषि पहल है, जिसका उद्देश्य देश के कम कृषि प्रदर्शन वाले जिलों में उत्पादकता बढ़ाना, सिंचाई और भंडारण जैसी सुविधाओं को मजबूत करना तथा किसानों की संस्थागत ऋण तक पहुंच आसान बनाना है।
हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली स्थित कृषि भवन में 1 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना की पहली वार्षिक प्रगति की व्यापक समीक्षा की।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना एक समन्वित कृषि विकास कार्यक्रम है, जिसे कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में क्षेत्रीय असमानता कम करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।
यह योजना नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम (Aspirational Districts Programme) के मॉडल से प्रेरित है। इसका मुख्य विचार यह है कि अलग-अलग सरकारी योजनाओं को अलग-अलग तरीके से लागू करने के बजाय चयनित जिलों में विभिन्न योजनाओं और संसाधनों का अभिसरण (Convergence) किया जाए।
इससे कृषि उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण, कृषि ऋण, फसल विविधीकरण और किसान प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में एक साथ काम किया जा सकेगा।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कब शुरू हुई?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 16 जुलाई 2025 को प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना को मंजूरी दी थी।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2025 को दिल्ली स्थित पूसा संस्थान से योजना का राष्ट्रव्यापी शुभारंभ किया।
योजना की अवधि
यह एक छह वर्षीय मिशन है, जो वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक लागू किया जाना है।
कुल वित्तीय परिव्यय
योजना के लिए छह वर्षों में कुल ₹1.44 लाख करोड़ का वित्तीय प्रावधान बताया गया है, जिसमें लगभग ₹24,000 करोड़ वार्षिक बजटीय प्रावधान शामिल है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कितने जिलों का चयन किया गया है?
इस योजना के तहत देश के 100 कम कृषि प्रदर्शन वाले जिलों को चुना गया है।
इन जिलों का चयन मुख्य रूप से निम्नलिखित संकेतकों के आधार पर किया गया है:
- कम फसल उत्पादकता
- कम फसल सघनता
- किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) ऋण की सीमित उपलब्धता
योजना के तहत देश के प्रत्येक राज्य से कम-से-कम एक जिले को शामिल किया गया है। उत्तर प्रदेश के 12 जिले इसमें शामिल हैं, जो राज्यों में सबसे अधिक संख्या है।
योजना से कितने किसानों को लाभ मिलेगा?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना से लगभग 1.7 करोड़ किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसमें विशेष रूप से:
- लघु एवं सीमांत किसान
- महिला किसान
- किसान उत्पादक संगठन (FPOs)
जैसे समूहों पर ध्यान दिया जा रहा है।
योजना के प्रमुख उद्देश्य
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत कृषि क्षेत्र के विकास के लिए कई प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
1. कृषि उत्पादकता बढ़ाना
आधुनिक कृषि तकनीकों, बेहतर कृषि पद्धतियों और उन्नत कृषि इनपुट के माध्यम से फसल उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
2. फसल विविधीकरण को बढ़ावा
धान जैसी प्रमुख फसलों पर निर्भरता कम करने के लिए दलहन और अन्य उच्च मूल्य वाली तथा जलवायु-अनुकूल फसलों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
3. भंडारण सुविधाओं का विस्तार
कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने के लिए गोदाम, शीत भंडारण और अन्य कृषि अवसंरचना को मजबूत किया जाएगा।
4. सिंचाई सुविधाओं में सुधार
जल उपयोग दक्षता बढ़ाने और आधुनिक सिंचाई तकनीकों, जैसे ड्रिप सिंचाई, के विस्तार पर जोर दिया जाएगा।
5. कृषि ऋण तक आसान पहुंच
किसानों को संस्थागत कृषि ऋण उपलब्ध कराने और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के उपयोग को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है।
6. डिजिटल निगरानी और सुशासन
योजना की प्रगति की निगरानी के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (KPIs) का उपयोग किया जा रहा है।
योजना की प्रगति
योजना के कार्यान्वयन के दौरान कई महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई हैं।
सभी 100 जिलों की कार्ययोजना तैयार
चयनित सभी 100 जिलों ने अपनी जिला कार्य योजनाएं (District Action Plans) तैयार कर उन्हें संबंधित पोर्टल पर अपलोड किया है।
लाखों किसानों को प्रशिक्षण
जनवरी से जुलाई 2026 के बीच लगभग 6.90 लाख किसानों और 88,961 विस्तार कार्यकर्ताओं को आधुनिक कृषि तकनीकों से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
प्राकृतिक खेती पर जोर
इसी अवधि में 2.20 लाख से अधिक हितधारकों को प्राकृतिक खेती से संबंधित प्रशिक्षण दिया गया।
डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया जा रहा है
योजना की वित्तीय प्रगति की निगरानी के लिए 31 अगस्त 2026 को वित्तीय प्रगति मॉड्यूल लागू किया गया। लाभार्थी प्रगति की निगरानी के लिए एक अलग मॉड्यूल भी विकसित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का महत्व
36 केंद्रीय योजनाओं का अभिसरण
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक विभिन्न सरकारी योजनाओं को एक साथ जोड़ना है। योजना के तहत 11 मंत्रालयों की 36 केंद्रीय योजनाओं के अभिसरण पर जोर दिया गया है।
इससे चयनित जिलों में सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग और योजनाओं के बीच समन्वय सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।
पिछड़े कृषि जिलों के विकास पर फोकस
देश के कम कृषि प्रदर्शन वाले 100 जिलों पर विशेष ध्यान देने से वहां कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति मिल सकती है।
दलहन उत्पादन को बढ़ावा
फसल विविधीकरण के माध्यम से दलहन उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे देश में दालों के उत्पादन को बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
किसान ऋण व्यवस्था को मजबूत करना
किसान क्रेडिट कार्ड और संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ने से किसानों की औपचारिक वित्तीय व्यवस्था में भागीदारी मजबूत हो सकती है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना: महत्वपूर्ण तथ्य
| बिंदु | जानकारी |
|---|---|
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना |
| अंग्रेजी नाम | PM Dhan Dhaanya Krishi Yojana |
| संक्षिप्त नाम | PMDDKY |
| मंजूरी | 16 जुलाई 2025 |
| राष्ट्रव्यापी शुभारंभ | 11 अक्टूबर 2025 |
| योजना अवधि | 2025-26 से 2030-31 |
| कुल अवधि | 6 वर्ष |
| चयनित जिले | 100 |
| अनुमानित लाभार्थी | लगभग 1.7 करोड़ किसान |
| नोडल मंत्रालय | कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय |
| मॉडल | आकांक्षी जिला कार्यक्रम |
| कुल वित्तीय परिव्यय | ₹1.44 लाख करोड़ |
| वार्षिक बजटीय प्रावधान | ₹24,000 करोड़ |
FAQs: प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना क्या है?
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना देश के चयनित 100 कम कृषि प्रदर्शन वाले जिलों में कृषि उत्पादकता, सिंचाई, भंडारण, फसल विविधीकरण और कृषि ऋण जैसी सुविधाओं को मजबूत करने वाली एक समन्वित सरकारी योजना है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कब शुरू हुई?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को 16 जुलाई 2025 को मंजूरी दी थी और इसका राष्ट्रव्यापी शुभारंभ 11 अक्टूबर 2025 को किया गया।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना कितने वर्षों के लिए है?
यह योजना छह वर्षों, यानी वित्त वर्ष 2025-26 से 2030-31 तक संचालित की जानी है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में कितने जिले शामिल हैं?
इस योजना के तहत देश के 100 कम कृषि प्रदर्शन वाले जिलों का चयन किया गया है।
योजना से किन किसानों को लाभ मिलेगा?
इस योजना में चयनित जिलों के किसानों को लाभ मिलेगा। विशेष रूप से लघु एवं सीमांत किसानों, महिला किसानों और FPOs पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य कृषि उत्पादकता बढ़ाना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करना, सिंचाई और भंडारण सुविधाओं को मजबूत करना, किसानों की ऋण तक पहुंच बढ़ाना और कृषि क्षेत्र में डिजिटल निगरानी को बेहतर बनाना है।
