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भारत का सबसे तेज मल्टीरोटर ड्रोन बना ‘आहूति Mk II’, 498 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बनाया रिकॉर्ड

On: September 3, 2026
Ahuti Mk II drone

भारत के रक्षा तकनीक क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। बीआईटीएस पिलानी के हैदराबाद कैंपस से जुड़े डिफेंस टेक स्टार्टअप अपोलियन डायनेमिक्स के इलेक्ट्रिक इंटरसेप्टर ड्रोन ‘आहूति Mk II’ ने 498 किलोमीटर प्रति घंटे की प्रमाणित शीर्ष गति हासिल की है।

इस उपलब्धि के साथ आहूति Mk II ने भारत के सबसे तेज मल्टीरोटर यूएवी का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। इसकी गति पहले दर्ज किए गए 325 किमी प्रति घंटे के रिकॉर्ड से काफी अधिक है।

क्या है आहूति Mk II?

आहूति Mk II कोई सामान्य कैमरा या सर्विलांस ड्रोन नहीं है। इसे विशेष रूप से एक हाई-स्पीड इंटरसेप्टर ड्रोन के रूप में विकसित किया गया है।

इस तरह के ड्रोन का मुख्य उद्देश्य हवा में मौजूद संभावित खतरों, विशेषकर दुश्मन के ड्रोन और लोइटरिंग म्यूनिशन को तेजी से पहचानना, उनका पीछा करना और उन्हें निष्क्रिय करने में सहायता करना है।

आधुनिक युद्ध में ड्रोन और अन्य मानवरहित हवाई प्रणालियों का उपयोग लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में तेज गति से प्रतिक्रिया देने वाले इंटरसेप्टर ड्रोन भविष्य की रक्षा रणनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

300 से 498 किमी प्रति घंटे तक की विकास यात्रा

कंपनी के अनुसार, आहूति ड्रोन का पहला संस्करण वर्ष 2025 में विकसित किया गया था। उस समय इसकी अधिकतम गति लगभग 300 किमी प्रति घंटे थी।

इसके बाद कंपनी ने आहूति Mk II को पूरी तरह नए डिजाइन और बेहतर तकनीक के साथ विकसित किया। एक वर्ष से भी कम समय में तैयार किए गए इस नए संस्करण ने लगभग 66 प्रतिशत अधिक गति हासिल की और 498 किमी प्रति घंटे की प्रमाणित शीर्ष गति तक पहुंच गया।

यह उपलब्धि भारतीय स्टार्टअप द्वारा हाई-स्पीड ड्रोन तकनीक के क्षेत्र में तेजी से हो रहे विकास को दर्शाती है।

अपोलियन डायनेमिक्स और इसकी टीम

अपोलियन डायनेमिक्स की स्थापना जयंत खत्री और सौर्य चौधरी ने की थी। कंपनी के शुरुआती विकास में बीआईटीएस पिलानी के SOLVE कार्यक्रम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

जयंत खत्री के स्नातक स्तर के प्रोजेक्ट को इस कार्यक्रम के तहत प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 2 लाख रुपये का अनुदान मिला था। यह उदाहरण दिखाता है कि विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों की इनक्यूबेशन तथा फंडिंग व्यवस्था किस प्रकार नए रक्षा तकनीकी स्टार्टअप्स को शुरुआती स्तर पर सहायता प्रदान कर सकती है।

आहूति Mk II के विकास और रिकॉर्ड प्रदर्शन में हाई-स्पीड ड्रोन पायलट अमन विरानी (शैडी) के अलावा मानस विचारे और ईशान सूरी भी तकनीकी टीम का हिस्सा रहे।

कंपनी के कुछ मानवरहित सिस्टम भारतीय सेना की इकाइयों के साथ भी तैनात किए जा चुके हैं, जो इसके रक्षा क्षेत्र में बढ़ते उपयोग और क्षमता को दर्शाता है।

मल्टीरोटर यूएवी क्या होते हैं?

मल्टीरोटर यूएवी (Unmanned Aerial Vehicle) ऐसे मानवरहित विमान होते हैं, जिनमें उड़ान और नियंत्रण के लिए एक से अधिक रोटर लगे होते हैं।

इनके प्रमुख प्रकार हैं:

  • क्वाडकॉप्टर
  • हेक्साकॉप्टर
  • ऑक्टोकॉप्टर

सामान्य रूप से इनका उपयोग निगरानी, हवाई फोटोग्राफी, मैपिंग और पेलोड पहुंचाने जैसे कार्यों में किया जाता है।

हालांकि, आहूति Mk II जैसे इंटरसेप्टर ड्रोन का उद्देश्य सामान्य व्यावसायिक ड्रोन से अलग है। इन्हें विशेष रूप से तेज गति और हवाई खतरों से निपटने की क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया जाता है।

लोइटरिंग म्यूनिशन क्या है?

लोइटरिंग म्यूनिशन ऐसे मानवरहित हथियार सिस्टम होते हैं जो लक्ष्य की तलाश करते हुए कुछ समय तक हवा में रह सकते हैं। लक्ष्य मिलने पर ये उस पर हमला कर सकते हैं।

इन्हें आम बोलचाल में कई बार कामिकेज़ ड्रोन भी कहा जाता है।

दुनिया भर में युद्ध और सीमा सुरक्षा में ऐसे ड्रोन के बढ़ते उपयोग ने तेज और प्रभावी एंटी-ड्रोन तथा इंटरसेप्टर सिस्टम की आवश्यकता बढ़ा दी है। इसी कारण भविष्य में हाई-स्पीड इंटरसेप्टर यूएवी का महत्व और बढ़ सकता है।

आहूति Mk II की उपलब्धि क्यों महत्वपूर्ण है?

आहूति Mk II की रिकॉर्ड गति केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह भारत के तेजी से विकसित हो रहे डिफेंस टेक स्टार्टअप इकोसिस्टम की क्षमता को भी दर्शाती है।

भारत में स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। ऐसे में तेज गति, स्वदेशी डिजाइन और संभावित सैन्य उपयोगिता वाली प्रणालियां भविष्य की रक्षा जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती हैं।

आहूति Mk II जैसे हाई-स्पीड इंटरसेप्टर ड्रोन आने वाले समय में ड्रोन आधारित खतरों से निपटने के लिए नई तकनीकी संभावनाएं पैदा कर सकते हैं।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण जीके तथ्य

  • ड्रोन का नाम: आहूति Mk II
  • प्रकार: इलेक्ट्रिक हाई-स्पीड इंटरसेप्टर ड्रोन
  • प्रमाणित शीर्ष गति: 498 किमी प्रति घंटे
  • रिकॉर्ड: भारत का सबसे तेज मल्टीरोटर यूएवी
  • पहले का दर्ज गति मानक: 325 किमी प्रति घंटे
  • स्टार्टअप: अपोलियन डायनेमिक्स
  • संस्थापक: जयंत खत्री और सौर्य चौधरी
  • संस्थान: बीआईटीएस पिलानी, हैदराबाद कैंपस
  • SOLVE कार्यक्रम से सहायता: 2 लाख रुपये का प्रोटोटाइप अनुदान
  • पहला आहूति मॉडल: वर्ष 2025
  • पहले मॉडल की गति: लगभग 300 किमी प्रति घंटा

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