भारत में समुद्री कचरे की बढ़ती समस्या और तटीय क्षेत्रों के संरक्षण को लेकर ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान 2026 का पांचवां संस्करण 1 सितंबर 2026 से शुरू किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश के समुद्र तटों को स्वच्छ रखना, समुद्री जैव विविधता की रक्षा करना और तटीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
इस वर्ष अभियान के तहत 12 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक विभिन्न तटीय क्षेत्रों में सफाई और जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। अभियान का समापन अंतरराष्ट्रीय तटीय स्वच्छता दिवस के अवसर पर होगा।
समुद्री कचरे की समस्या से निपटने पर जोर
‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ एक राष्ट्रव्यापी अभियान है, जिसमें समुद्र तटों से कचरा हटाने के साथ-साथ समुद्री पर्यावरण के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने पर भी जोर दिया जाता है।
समुद्री कचरा समुद्री जीवों, पक्षियों और तटीय जैव विविधता के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान पहुंचाने के साथ-साथ मछली पालन और तटीय समुदायों की आजीविका को भी प्रभावित कर सकते हैं।
2026 के अभियान में भारत की 11,098 किलोमीटर लंबी तटरेखा को शामिल किया गया है। इसमें मुख्यभूमि के तटीय क्षेत्रों के साथ-साथ देश के द्वीपीय क्षेत्र भी शामिल हैं।
100 से अधिक तटीय स्थानों पर सफाई अभियान
अभियान के दौरान देशभर में 100 से अधिक समुद्र तटीय स्थानों पर सफाई गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इसमें स्थानीय समुदायों, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संगठनों और विभिन्न सरकारी एजेंसियों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।
इसका उद्देश्य लोगों को यह संदेश देना है कि समुद्र और तटीय क्षेत्रों की स्वच्छता केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय और PRITHVI योजना की भूमिका
‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान को पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की PRITHVI योजना के तहत लागू किया जा रहा है।
PRITHVI योजना के माध्यम से तटीय क्षेत्रों से जुड़े वैज्ञानिक अध्ययन और निगरानी को बढ़ावा दिया जाता है। इसमें तटीय अपरदन (Coastal Erosion) और समुद्री जल गुणवत्ता (Marine Water Quality) जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाता है।
इस प्रकार अभियान में केवल समुद्र तटों की सफाई ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक निगरानी और तटीय प्रबंधन को भी जोड़ा गया है।
युवाओं के लिए पहला राष्ट्रीय ओशन ओलंपियाड
‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर 2026’ में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए पहला राष्ट्रीय ओशन ओलंपियाड भी शुरू किया गया है।
इसका उद्देश्य युवाओं में महासागर, समुद्री पारिस्थितिकी, तटीय पर्यावरण और समुद्री संरक्षण के प्रति समझ विकसित करना है।
इसके अलावा अभियान से लोगों को डिजिटल रूप से जोड़ने के लिए एक समर्पित वेबसाइट और Ocean Conservation Pledge Portal भी शुरू किया गया है। इसके माध्यम से नागरिक समुद्री पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपना संकल्प व्यक्त कर सकते हैं।
केवल सफाई अभियान नहीं, संरक्षण का संदेश
‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान का उद्देश्य सिर्फ समुद्र तटों से कचरा हटाना नहीं है। इसके जरिए स्वच्छता, पर्यावरण शिक्षा, वैज्ञानिक निगरानी और जनभागीदारी को एक साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
समुद्री कचरे और तटीय क्षरण जैसी चुनौतियों को देखते हुए तटीय क्षेत्रों का संरक्षण भारत के लिए पर्यावरणीय और आर्थिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मछली पालन, पर्यटन और तटीय समुदायों की आजीविका भी स्वस्थ समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर करती है।
स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान 2026: महत्वपूर्ण तथ्य
| तथ्य | जानकारी |
|---|---|
| अभियान | स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर |
| वर्ष | 2026 |
| संस्करण | पांचवां |
| शुरुआत | 1 सितंबर 2026 |
| मुख्य अभियान अवधि | 12 सितंबर से 19 सितंबर 2026 |
| तटरेखा | 11,098 किलोमीटर |
| तटीय स्थान | 100 से अधिक |
| संबंधित मंत्रालय | पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय |
| योजना | PRITHVI |
| प्रमुख विषय | समुद्री कचरा, तटीय संरक्षण, समुद्री पर्यावरण |
| विशेष पहल | पहला राष्ट्रीय ओशन ओलंपियाड |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण GK
प्रश्न 1. ‘स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर’ अभियान किससे संबंधित है?
उत्तर: समुद्र तटों की स्वच्छता और समुद्री पर्यावरण संरक्षण से।
प्रश्न 2. स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान 2026 का कौन-सा संस्करण है?
उत्तर: पांचवां संस्करण।
प्रश्न 3. अभियान 2026 के तहत भारत की कितनी लंबी तटरेखा को शामिल किया गया है?
उत्तर: 11,098 किलोमीटर।
प्रश्न 4. स्वच्छ सागर, सुरक्षित सागर अभियान किस मंत्रालय से संबंधित है?
उत्तर: पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय।
प्रश्न 5. अभियान 2026 में युवाओं के लिए कौन-सी नई पहल शुरू की गई है?
उत्तर: पहला राष्ट्रीय ओशन ओलंपियाड।
प्रश्न 6. अभियान 2026 की मुख्य गतिविधियां कब आयोजित की जाएंगी?
उत्तर: 12 सितंबर से 19 सितंबर 2026 तक।