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iBRICS Summit 2026: नई दिल्ली में होगा पहला iBRICS समिट, जानें BRICS से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य

On: September 5, 2026
iBRICS Summit 2026

iBRICS Summit 2026: सोवरेन वेल्थ फंड इंस्टीट्यूट (SWFI) ने 4 सितंबर 2026 को घोषणा की कि नई दिल्ली में पहली बार iBRICS Summit का आयोजन किया जाएगा। यह दो दिवसीय समिट 12 और 13 सितंबर 2026 को द ओबेरॉय, नई दिल्ली में आयोजित होगा। यह आयोजन 18वें आधिकारिक BRICS नेताओं के शिखर सम्मेलन के साथ-साथ आयोजित किया जाएगा।

BRICS के एजेंडे में निवेश और भुगतान प्रणालियों पर बढ़ता फोकस

BRICS अब केवल राजनीतिक और कूटनीतिक सहयोग का मंच नहीं रह गया है। समूह के एजेंडे में वित्त, व्यापार, निवेश और अंतरराष्ट्रीय भुगतान प्रणालियों की भूमिका भी लगातार बढ़ रही है।

इसी बदलते परिदृश्य में iBRICS Summit को एक ऐसे मंच के रूप में देखा जा रहा है, जहां संप्रभु पूंजी और निजी निवेश को एक साथ लाकर सीमा-पार निवेश के नए अवसरों पर चर्चा की जाएगी।

संप्रभु पूंजी (Sovereign Capital) में सरकार समर्थित निवेश संस्थाओं द्वारा प्रबंधित पूंजी शामिल होती है। इसमें सोवरेन वेल्थ फंड, सार्वजनिक पेंशन फंड और अन्य सार्वजनिक निवेश कोष प्रमुख हैं। ऐसे फंड आमतौर पर लंबी अवधि के निवेश, रणनीतिक परिसंपत्तियों और राष्ट्रीय महत्व वाले क्षेत्रों में पूंजी लगाते हैं।

500 से अधिक निवेशक होंगे शामिल

iBRICS Summit एक आमंत्रण-आधारित आयोजन होगा। इसमें 500 से अधिक संस्थागत निवेशकों, वित्त मंत्रियों और कारोबारी नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। ये प्रतिभागी सामूहिक रूप से करीब 1 ट्रिलियन डॉलर की पूंजी का प्रबंधन करते हैं।

12 सितंबर को लगभग 250 प्रमुख प्रतिभागियों की बंद कमरे में गोलमेज बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें गैर-डॉलर भुगतान एवं निपटान मार्गों और प्रस्तावित “Sovereign Capital Compact” जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

इससे संकेत मिलता है कि समिट का उद्देश्य केवल नीतिगत चर्चा तक सीमित रहने के बजाय निवेश सहयोग और व्यावहारिक वित्तीय ढांचे की संभावनाओं पर भी ध्यान देना है।

किन क्षेत्रों में निवेश पर रहेगा जोर?

iBRICS Summit में निवेश से जुड़े सत्रों के दौरान सोवरेन वेल्थ फंड, सार्वजनिक पेंशन फंड और फैमिली ऑफिस को रणनीतिक परियोजनाओं से जोड़ने पर चर्चा होगी।

इनमें प्रमुख क्षेत्र हैं:

  • बुनियादी ढांचा (Infrastructure)
  • प्रौद्योगिकी (Technology)
  • महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals)
  • ऊर्जा परिवर्तन (Energy Transition)

BRICS देशों के लिए ये क्षेत्र रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं और इनमें बड़े पैमाने पर दीर्घकालिक निवेश की आवश्यकता होती है।

UPI और Pix से जुड़े भुगतान मॉडल पर चर्चा

समिट में राष्ट्रीय फास्ट-पेमेंट नेटवर्क और केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDCs) के बीच संभावित एकीकरण पर भी चर्चा की जाएगी।

इस संदर्भ में भारत का Unified Payments Interface (UPI) और ब्राजील का Pix महत्वपूर्ण उदाहरण हैं। दोनों ही अपने-अपने देशों में तेज डिजिटल भुगतान के लिए व्यापक रूप से इस्तेमाल किए जाने वाले भुगतान नेटवर्क हैं।

iBRICS Summit 2026: महत्वपूर्ण GK तथ्य

SWFI क्या है?
SWFI यानी Sovereign Wealth Fund Institute एक वैश्विक मंच है, जो सोवरेन वेल्थ फंड और सार्वजनिक निवेश संस्थानों से संबंधित जानकारी और विश्लेषण उपलब्ध कराता है।

UPI क्या है?
UPI भारत की रियल-टाइम डिजिटल रिटेल पेमेंट प्रणाली है, जिसे National Payments Corporation of India (NPCI) ने विकसित किया है।

Pix क्या है?
Pix ब्राजील की तत्काल भुगतान प्रणाली है, जिसे Central Bank of Brazil ने शुरू किया था।

CBDC क्या है?
CBDC यानी Central Bank Digital Currency केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की जाने वाली डिजिटल मुद्रा है। यह किसी देश की संप्रभु मुद्रा का डिजिटल रूप होती है।

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