विदेशी चंदे से जुड़े विदेशी योगदान (विनियमन) संशोधन विधेयक (FCRA Amendment Bill) की जांच के लिए 31 सदस्यीय संसदीय समिति का गठन किया गया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को समिति के सदस्यों के नामों की घोषणा की। बीजेपी सांसद संजय जायसवाल को समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
समिति में NDA के 19 सांसद शामिल हैं, जबकि लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सांसदों को इसमें जगह दी गई है।
FCRA संशोधन विधेयक क्या है?
FCRA यानी Foreign Contribution (Regulation) Act भारत में विदेशी स्रोतों से मिलने वाले धन या योगदान को नियंत्रित करता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विदेशी फंड का इस्तेमाल निर्धारित नियमों के अनुसार हो।
प्रस्तावित संशोधन विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर मतभेद हैं। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने आशंका जताई है कि इसके कुछ प्रावधानों से NGO और अन्य संस्थाओं के कामकाज पर प्रभाव पड़ सकता है।
विपक्ष ने उठाई NGO से जुड़ी चिंताएं
कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों ने विधेयक के प्रावधानों पर चिंता व्यक्त की है। विपक्ष ने अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधियों को समिति में शामिल करने का भी समर्थन किया है।
DMK सहित कुछ विपक्षी दलों ने विधेयक की आलोचना करते हुए ईसाई संगठनों की चिंताओं का समर्थन किया है। विपक्ष का कहना है कि प्रस्तावित बदलावों का गैर-सरकारी संगठनों यानी NGO पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। हालांकि, व्यापक विचार-विमर्श के लिए विधेयक को संसदीय समिति के पास भेजा गया है।
समिति में कौन-कौन शामिल हैं?
समिति में NDA की ओर से भर्तृहरि महताब, निशिकांत दुबे, तेजस्वी सूर्या, संजय झा, लवू श्रीकृष्ण और प्रफुल्ल पटेल जैसे प्रमुख सांसद शामिल हैं।
कांग्रेस की ओर से एंटो एंटनी, विरियाटो फर्नांडीस, हमदुल्ला सईद और क्रिस्टोफर मनिकम समिति के सदस्य हैं।
इसके अलावा DMK के पी. विल्सन, NCP-SP की सुप्रिया सुले और TMC के कल्याण बनर्जी एवं मेनका गुरुस्वामी को भी समिति में शामिल किया गया है।
FCRA विधेयक में विवाद का मुख्य मुद्दा
विधेयक के आलोचकों का मुख्य तर्क इसके उन प्रावधानों को लेकर है, जिनके तहत किसी संगठन का FCRA लाइसेंस रद्द होने या नवीनीकरण नहीं होने की स्थिति में उसकी संपत्ति के नियंत्रण से जुड़े अधिकार कार्यपालिका को मिल सकते हैं।
अब संसदीय समिति विधेयक के प्रावधानों और उनके संभावित प्रभावों की समीक्षा करेगी तथा विभिन्न हितधारकों से राय लेगी।
समिति को संसद के शीतकालीन सत्र के पहले सप्ताह के अंतिम दिन तक अपनी रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
- विषय: FCRA संशोधन विधेयक
- समिति: 31 सदस्यीय संसदीय समिति
- अध्यक्ष: संजय जायसवाल
- कुल सदस्य: 31
- लोकसभा सदस्य: 21
- राज्यसभा सदस्य: 10
- NDA के सदस्य: 19
- FCRA का पूरा नाम: Foreign Contribution (Regulation) Act
- मुख्य मुद्दा: विदेशी चंदे का नियमन और NGO से जुड़े प्रावधान
- समिति का उद्देश्य: FCRA संशोधन विधेयक की विस्तृत जांच और हितधारकों से विचार-विमर्श




