होम कर्रेंट अफेयर कर्रेंट अफेयर क्विज जीके प्रश्न

SCO Summit 2026: भारत ने BRI का समर्थन क्यों नहीं किया? जानें CPEC, संप्रभुता और बिश्केक

On: September 3, 2026
SCO Summit 2026

SCO Summit 2026 : किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में भारत ने चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजना पर अपना पुराना और स्पष्ट रुख बरकरार रखा। भारत ने एक बार फिर BRI का समर्थन करने से इनकार कर दिया।

भारत की मुख्य आपत्ति चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को लेकर है, जो पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के उन क्षेत्रों से होकर गुजरता है जिन पर भारत अपना दावा करता है। भारत इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता से जुड़ा मुद्दा मानता है।

मुख्य बिंदु

  • SCO का 26वां शिखर सम्मेलन बिश्केक, किर्गिस्तान में आयोजित हुआ।
  • भारत ने चीन की BRI परियोजना का समर्थन नहीं किया।
  • भारत की आपत्ति का मुख्य कारण CPEC का पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से होकर गुजरना है।
  • SCO सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मानदंड को अस्वीकार्य बताया।
  • सदस्य देशों ने ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों की निंदा की।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कनेक्टिविटी परियोजनाओं में संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान पर जोर दिया।
  • SCO ने पश्चिम एशिया के संघर्षों के राजनीतिक और कूटनीतिक समाधान का समर्थन किया।

भारत ने BRI का समर्थन क्यों नहीं किया?

चीन की Belt and Road Initiative (BRI) एक विशाल अंतरराष्ट्रीय बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी परियोजना है। इसके माध्यम से चीन सड़क, रेल, बंदरगाह और अन्य संपर्क परियोजनाओं के जरिए एशिया, यूरोप और अफ्रीका के साथ आर्थिक संपर्क मजबूत करना चाहता है।

BRI के अंतर्गत चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) एक महत्वपूर्ण परियोजना है।

भारत का विरोध इस बात को लेकर है कि CPEC का एक हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के क्षेत्रों से होकर गुजरता है। भारत इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन के रूप में देखता है। इसी कारण भारत लगातार BRI का समर्थन करने से दूरी बनाए हुए है।

SCO समिट में भारत का अलग रुख

बिश्केक शिखर सम्मेलन में कई SCO सदस्य देशों ने BRI और क्षेत्रीय आर्थिक सहयोग को समर्थन दिया, लेकिन भारत ने इस मुद्दे पर अपना स्वतंत्र रुख बनाए रखा।

भारत पहले भी SCO बैठकों में यह स्पष्ट करता रहा है कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय संपर्क परियोजना को आगे बढ़ाने के दौरान संबंधित देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शिखर सम्मेलन में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों पर आधारित भारत का दृष्टिकोण रखा तथा आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया।

आतंकवाद पर SCO का बड़ा संदेश

बिश्केक घोषणापत्र में SCO सदस्य देशों ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंड को अस्वीकार्य बताया।

घोषणापत्र में आतंकवाद के सभी रूपों और स्वरूपों का मुकाबला करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। साथ ही आतंकियों की सीमा पार आवाजाही और आतंकवाद से जुड़े नेटवर्क के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की बात कही गई।

भारत के लिए यह मुद्दा विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि नई दिल्ली लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद और आतंकवाद को समर्थन देने वाले ढांचों के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी कार्रवाई की मांग करती रही है।

ईरान पर सैन्य हमलों की निंदा

SCO शिखर सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण मुद्दा पश्चिम एशिया की स्थिति भी रही।

बिश्केक घोषणापत्र में SCO सदस्य देशों ने ईरान की धरती पर हुए सैन्य हमलों की निंदा की और कहा कि इस तरह की घटनाओं से आम नागरिकों को नुकसान पहुंचा है तथा आर्थिक क्षति हुई है।

सदस्य देशों ने संघर्ष के समाधान के लिए राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता देने की बात कही। घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के सम्मान पर भी जोर दिया गया।

SCO क्या है?

शंघाई सहयोग संगठन (Shanghai Cooperation Organisation – SCO) एक प्रमुख क्षेत्रीय संगठन है, जो सुरक्षा, आतंकवाद विरोध, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय संपर्क जैसे मुद्दों पर सदस्य देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देता है।

इसकी स्थापना वर्ष 2001 में हुई थी।

SCO के 10 सदस्य देश

  1. भारत
  2. चीन
  3. रूस
  4. पाकिस्तान
  5. कजाकिस्तान
  6. किर्गिस्तान
  7. ताजिकिस्तान
  8. उज्बेकिस्तान
  9. ईरान
  10. बेलारूस

वर्ष 2026 का बिश्केक शिखर सम्मेलन SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण रहा।

बिश्केक घोषणापत्र का महत्व

SCO Summit 2026 में अपनाया गया बिश्केक घोषणापत्र क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

भारत के लिए इस सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धियों में आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मानदंड को अस्वीकार्य बताना और कनेक्टिविटी परियोजनाओं में संप्रभुता के सम्मान के सिद्धांत पर जोर शामिल रहा।

हालांकि BRI के मुद्दे पर भारत ने अपना स्वतंत्र रुख बनाए रखा और चीन की इस परियोजना का समर्थन नहीं किया।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

विषयमहत्वपूर्ण जानकारी
संगठनशंघाई सहयोग संगठन (SCO)
26वां SCO Summitवर्ष 2026
आयोजन स्थलबिश्केक, किर्गिस्तान
मुख्य दस्तावेजबिश्केक घोषणापत्र
भारत का रुखBRI का समर्थन नहीं
भारत की मुख्य आपत्तिCPEC का विवादित क्षेत्र से गुजरना
भारत के प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी
SCO की स्थापना2001
सदस्य देश10
मुख्य मुद्देआतंकवाद, सुरक्षा, कनेक्टिविटी, आर्थिक सहयोग

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment